4 अगस्त 2025 को सावन (श्रावण) माह का चौथा और अंतिम सोमवार — यह दिन शिव पूजा के लिए अत्यंत फलदायक माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन श्रावण शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सुबह 11:41 तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि आरंभ हो जाएगी ABP News।
🌿 व्रत का महत्व
यदि पूरे सावन महीने कोई व्रत नहीं रखा गया हो, तो अंतिम सोमवार का व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यतानुसार, इस दिन रखे गए व्रत से इच्छित फल की प्राप्ति होती है और अंत तक संकल्प सिद्ध होता है। सावन के चौथे सोमवार को रुद्राभिषेक, शिवपुराण पाठ, जलाभिषेक व रात्रि जागरण करने की भी अत्यधिक महत्ता है ABP News।
🔱 शुभ योग
इस विशेष दिन पर चार शुभ योगों का संयोग बन रहा है:
- सर्वार्थ सिद्धि योग
- रवि योग
- ब्रह्म योग
- इंद्र योग
यह चारों ही योग पूजा और व्रत के लिए अतिशय शुभ माने जाते हैं ABP News।
⏱️ जलाभिषेक के मुहूर्त
शिवलिंग पर जलाभिषेक (जलाभिषेक) करने के लिए प्रशस्त मुहूर्त निम्नवत हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:20–05:02
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00–12:54
- विजय मुहूर्त: दोपहर 14:42–15:36
- अमृत काल: शाम 17:47–19:34
इन समयों में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने को जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति का मार्ग माना जाता है ABP News।
🙏 व्रत से होने वाले लाभ
- कुंवारी कन्याओं को व्रत से वर प्राप्ति का लाभ मिलता है
- विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है
- संपूर्ण जीवन में स्वास्थ्य, संतान संबंधी शुभता व मानसिक शांति बढ़ती है
- शिवजी की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं ABP News
🪔 पूजा नियम
- सुबह स्नान के पश्चात शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक करें
- संध्याकाल में शिव और पार्वती की संयुक्त आरती करें
- शिव मंत्रों का जाप करें
- दान करें और तामसिक (भक्ष्य और आचरण) से बचें ABP News
✍️ संक्षेप
4 अगस्त 2025 के दिन सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की भक्ति के लिए अत्यंत उपयुक्त समय है। इस दिन के व्रत, पूजा, जलाभिषेक और योगों का विशेष महत्व है, जो भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और मंगल फल प्रदान करते हैं।