🌳 एक बगिया माँ के नाम योजना क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए ‘एक बगिया माँ के नाम योजना’ शुरू की है। इस योजना में राज्यभर की 30,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को जोड़ा जाएगा। इसके तहत लगभग 30 लाख फलदार पौधे निजी भूमि पर लगाए जाएंगे।
💰 कितनी होगी लागत और सहायता?
योजना का अनुमानित बजट करीब 900 से 1000 करोड़ रुपये है। प्रत्येक महिला लाभार्थी को लगभग 2–3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें निम्न सुविधाएँ शामिल हैं:
- पौधों की आपूर्ति
- गड्ढे खोदने का काम
- बाड़बंदी (तार फेंसिंग)
- 50,000 लीटर क्षमता वाला जलकुंड (पानी टैंक)
- जैविक खाद और अन्य सामग्री
📅 कब से शुरू होगा पौधारोपण?
‘एक बगिया माँ के नाम योजना’ का क्रियान्वयन स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से लेकर 15 सितंबर तक किया जाएगा। यह समय मानसून को देखते हुए तय किया गया है ताकि पौधों का जीवित रहना सुनिश्चित हो सके।
👩🌾 कौन ले सकता है लाभ?
- महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य होना अनिवार्य है।
- लाभार्थी महिला के पास अपनी ज़मीन होनी चाहिए। अगर स्वयं की भूमि नहीं है तो पति, पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य की भूमि पर भी लिखित सहमति से पौधारोपण संभव होगा।
- SIPRI तकनीक के माध्यम से भूमि की उपयुक्तता जांची जाएगी। मिट्टी और जलवायु के अनुसार फलदार पौधे का चयन होगा। भूमि अनुपयुक्त होने पर योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
📚 प्रशिक्षण और रखरखाव
महिलाओं को बागवानी, सिंचाई, कीट नियंत्रण, कटाई-पैकिंग जैसी सभी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि फलोत्पादन से दीर्घकालिक कमाई सुनिश्चित हो सके।
🎯 क्या है योजना का उद्देश्य?
- ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना
- PM नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ विज़न को धरातल पर उतारना
- जलवायु परिवर्तन से लड़ने में योगदान देना
- मनरेगा से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना
📌 महत्वपूर्ण तथ्य एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | एक बगिया माँ के नाम योजना |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
| लाभार्थी | महिला स्वयं सहायता समूह |
| लक्ष्य | 30 लाख फलदार पौधे लगाना |
| सहायता राशि | 2–3 लाख रुपये प्रति महिला |
| समयसीमा | 15 अगस्त से 15 सितंबर 2025 |
| ज़मीन | स्वयं या परिवार की |
| तकनीकी जाँच | SIPRI सॉफ्टवेयर से भूमि परीक्षण |
| उद्देश्य | पर्यावरण संरक्षण + महिला सशक्तिकरण |
🔗 निष्कर्ष
‘एक बगिया माँ के नाम योजना’ से न केवल हरित आवरण में वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी। यदि आप पात्र हैं, तो अपने ग्राम पंचायत या स्थानीय मनरेगा कार्यालय से संपर्क कर ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार रखें।